अगर आप हड्डियों के दर्द से परेशान हैं तो इन फूलों के पत्ते आएंगे काम, आप भी आजमा के देखिए


Benefits of Parijat Flowers : परिजात (Nyctanthes arbor-tristis) एक पौधा है जिसके फूल विशेषकर भारत, नेपाल, बांग्लादेश, थाइलैंड, और इंडोनेशिया में पाए जाते हैं. इस पौधे का वैज्ञानिक नाम “Nyctanthes arbor-tristis” है, और यह आमतौर पर “परिजात” या “हरसिंगार” के नाम से जाना जाता है. इसके फूल देखने में जितना आकर्षक और सुगंधित होते हैं. इसकी पत्तियां खाने में उतनी ही फायदेमंद होती है.

परिजात के फूल का आयुर्वेदिक चिकित्सा में विशेष महत्व है. इसके फूल, पत्तियां और तेल का उपयोग विभिन्न रोगों के इलाज में किया जाता है, जैसे कि सर्दी-जुकाम, पाचन संबंधित समस्याएं, गठिया, अर्थराइटिस, और बच्चों की पेट दर्द को आराम देने के लिए. आइए जानते हैं इसके और फायदे. 

सर्दी और जुकाम का इलाज: परिजात के फूल का चाय या काढ़ा सर्दी और जुकाम के लिए  बहुत उपयोगी होता है. इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूती देने में मदद कर सकते हैं.

पाचन में सुधार
परिजात का फूल आयुर्वेदिक चिकित्सा में अपनी पाचन सुधारने वाली गुणों के लिए प्रसिद्ध है. परिजात के फूल में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स, और विभिन्न पोषण तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन प्रक्रिया को सुधारने में मदद करते हैं.परिजात के फूल के पत्तों का सेवन पाचन को सुधारने में मदद करता है और अपच को कम कर सकता है. 

गठिया और अर्थराइटिस के दर्द का इलाज
परिजात के फूल से बनाया गया तेल गठिया और अर्थराइटिस जैसे जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है.परिजात के फूल में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स इसके गुणकारी प्रभावों के लिए जाने जाते हैं, जो जोड़ों के दर्द को कम कर सकते हैं और सूजन को कम करता है. 

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तनाव को करता है कम
परिजात के फूल का सुगंधित अरोमा मानसिक तनाव को कम करने और आंतरिक शांति को बढ़ावा देने में मदद करता है. इसके फूल का सुगंधित अरोमा और आंतरिक शांति प्रदान करने की क्षमता से जाने जाते हैं. यह अरोमाथेरपी और आयुर्वेद में स्थान पाने वाला एक प्राकृतिक उपाय माना जाता है जो मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है. 

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.

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