भारत में आईवीएफ सफलता की कहानी


गर्भधारण की स्थिति दम्पतियों के लिए अधिक ख़ुशी की बात होती हैं, परन्तु कई बार अनेक कारणों की वजह से कई लोगो की जिंदगी में ये पल नहीं आ पाते हैं, जिससे की दम्पतियों का जीवन अधिक प्रभावित होता हैं। हर किसी को आसानी से माता-पिता बनने का अवसर नहीं प्राप्त होता हैं। बाँझपन एक ऐसी स्थिति हैं जो दम्पतियों के जीवन में निराशा और परेशानियां ला सकती हैं। राहुल और दिव्या से मिलें, पूरी प्रक्रिया में चुनौतियों का सामना करने के बावजूद प्रतिबद्धता, आशा और दृढ़ता की उनकी आईवीएफ सफलता की कहानी वास्तव में प्रेरणादायक है। आइए उनकी प्रजनन यात्रा और आईवीएफ सफलता की कहानी पर चलें।

 

मिलिए दिल्ली के जोड़े से राहुल (40 वर्ष) और दिव्या (37 वर्ष) जो अपनी शादी के बाद 12 साल से गर्भधारण की कोशिश में लगे थे, परन्तु किसी न किसी वजह से दिव्या गर्भधारण नहीं कर पाती थी। बार-बार ऐसी स्थिति होने से उनकी आशा धुंधली होती दिख रही थी, तभी संभावना की एक किरण उभरी। दिव्या और राहुल को GoMedii के बारे में पता चला, जो चमत्कार चाहने वालों को चिकित्सा मार्गदर्शन और समाधान प्रदान करने वाला एक मंच है। उत्सुकतावश, उन्होंने आगे शोध किया और पाया कि भारत आईवीएफ उपचार के माध्यम से आशा की किरण पेश करता है। वहां न केवल आईवीएफ लागत प्रभावी था, बल्कि सफलता दर भी काफी अधिक थी, जो सराहनीय 60-70% थी।

 

GoMedii के संपर्क में आने के बाद व बेबीसाइंस आईवीएफ क्लिनिक पर पहुंचे और वहाँ उनकी पूर्णरूप से जाँच हुई। बेबीसाइंस आईवीएफ क्लिनिक में जाँच के दौरान पता चला की दिव्या की दोनों फॉलोपियन ट्यूब (अंडाशय और गर्भाशय के बीच मौजूद होती है और इन्हें गर्भाशय ट्यूब कहा जाता है) ब्लॉक हैं जिसके कारण व गर्भधारण नहीं कर पा रही हैं। इस समस्या के पता चलने पर उन्होंने डॉक्टर से सलाह ली जिसमे की उन्हें आईवीएफ ट्रीटमेंट की सलाह दी गई।

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दिव्या ने बताया की उनके मन आईवीएफ ट्रीटमेंट को लेकर कई सवाल उतपन्न हुए, जिनके जवाब उन्हें पूर्णरूप से डॉक्टर द्वारा दिया गया। कई सालो की कोशिश के बाद राहुल और दिव्या को माता-पिता बनने की सुख प्राप्त हुआ। जिसमे की दिव्या के बताया की उन्हें किसी भी प्रकार का शारीरिक दर्द और अन्य कोई परेशानी से नहीं जूझना पड़ा तथा वह पूर्णरूप से स्वस्थ महसूस कर रही थी। आईवीएफ ट्रीटमेंट की प्रक्रिया में उन्हें 5 से 6 महीने का समय लगा जिससे की दिव्या ने कुछ महीनो बाद ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

 

ऐसे सभी कपल्‍स जो उनकी तरह कंसीव करना चाहते हैं, उनके ल‍िए राहुल और दिव्या ने यह सलाह दी है क‍ि आप जांच कराएं। लोग शर्म के डर से आगे नहीं आते। लेक‍िन यह प्रक्र‍िया आसान है, आप इसे अपनाने से झ‍िझक महसूस न करें।

 

 

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