दिल का ख्याल रखने से लेकर अच्छी स्किन तक, लाल अंगूर खाने के है फायदे ही फायदे


अंगूर (grapes) तो आपने बहुत खाए होंगे. स्वाद में खट्टे मीठे ये अंगूर सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. आपने हरा और काला अंगूर तो चखा होगा लेकिन लाल अंगूर शायद ही खाया हो. भारत में लाल अंगूर (Red grape)कम मिलता है लेकिन विदेशों में इसका जमकर सेवन होता है और इससे रेड वाइन भी बनाई जाती है. अंगूर की किस्मों औऱ रंगों की बात करें तो लाल अंगूर सभी अंगूरों में सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इसमे ढेर सारे एंटी ऑक्सिडेंट पाए जाते हैं. चलिए जानते हैं कि लाल अंगूर खाने से सेहत को क्या क्या फायदे हो सकते हैं.

लाल अंगूर के सेवन से दिल को स्वस्थ रखा जा सकता है. इसमें पाए जाने वाले फ्लेवेनोएड्स और पोलीफेनोल्स नाम के एंटीऑक्सीडेंट दिल की धमनियों को सुरक्षित रखते हैं और साथ ही दिल की मसल्स को भी जोखिम और सूजन से बचाते हैं. लाल अंगूर के नियमित सेवन से दिल संबंधी बीमारियों का खतरा भी कम होता है.

लाल अंगूर के सेवन से दिल को स्वस्थ रखा जा सकता है. इसमें पाए जाने वाले फ्लेवेनोएड्स और पोलीफेनोल्स नाम के एंटीऑक्सीडेंट दिल की धमनियों को सुरक्षित रखते हैं और साथ ही दिल की मसल्स को भी जोखिम और सूजन से बचाते हैं. लाल अंगूर के नियमित सेवन से दिल संबंधी बीमारियों का खतरा भी कम होता है.

लाल अंगूर के सेवन से तेजी से बढ़ते वजन को भी कंट्रोल किया जा सकता है. दरअसल लाल अंगूर में रेस्वेराट्रोल नामक पॉलीफेनोल यानी एंटी ऑक्सिडेंट है जो अपने एंटी ओबेसिटी गुण के चलते वजन को कम करने में मदद करता है. लाल अंगूर को डेली डाइट में शामिल करके आप अपने वेट को कंट्रोल कर सकते हैं.

लाल अंगूर के सेवन से तेजी से बढ़ते वजन को भी कंट्रोल किया जा सकता है. दरअसल लाल अंगूर में रेस्वेराट्रोल नामक पॉलीफेनोल यानी एंटी ऑक्सिडेंट है जो अपने एंटी ओबेसिटी गुण के चलते वजन को कम करने में मदद करता है. लाल अंगूर को डेली डाइट में शामिल करके आप अपने वेट को कंट्रोल कर सकते हैं.

लाल अंगूर में पाये जाने वाले  पॉलीफेनोलिक एंजाइम जैसे  फ्लेवोनोइड्स और रेस्वेराट्रोल ऑक्सिडेटिव तनाव को कम करने में मदद करते हैं. इससे ब्रेन का फंक्शन सही तरीके से होता है और अल्जाइमर की समस्या का रिस्क कम होता है. इसके सेवन से कमजोर याद्दाश्त भी तेज होने में मदद मिलती है.

लाल अंगूर में पाये जाने वाले पॉलीफेनोलिक एंजाइम जैसे फ्लेवोनोइड्स और रेस्वेराट्रोल ऑक्सिडेटिव तनाव को कम करने में मदद करते हैं. इससे ब्रेन का फंक्शन सही तरीके से होता है और अल्जाइमर की समस्या का रिस्क कम होता है. इसके सेवन से कमजोर याद्दाश्त भी तेज होने में मदद मिलती है.

  प्रेग्नेंसी के दौरान मीठे की क्रेविंग कम करने के लिए करें यह एक्सरसाइज
लाल अंगूर में पाया जाने वाला कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के लिए काफी कारगर साबित होता है. खासकर बढ़ते बच्चों के लिए लाल अंगूर काफी लाभकारी होते हैं.इसमें पाए जाने वाले एंजाइम  रेस्वेराट्रॉल में ओस्टियोजेनिक गुण होता है यानी इससे हड्डियों का सही विकास करने में मदद मिलती है.

लाल अंगूर में पाया जाने वाला कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के लिए काफी कारगर साबित होता है. खासकर बढ़ते बच्चों के लिए लाल अंगूर काफी लाभकारी होते हैं.इसमें पाए जाने वाले एंजाइम रेस्वेराट्रॉल में ओस्टियोजेनिक गुण होता है यानी इससे हड्डियों का सही विकास करने में मदद मिलती है.

लाल अंगूर में पाया जाने वाला अल्कोहलिक अर्क अस्थमा की समस्या को दूर करने में कारगर साबित होता है. दरअसल इस अर्क में गैलिक एसिड जो सांस संबंधी एलर्जी और संक्रमण की वजह से होने वाले अस्थमा के रिस्क को कम करने में मददगार साबित होता है.

लाल अंगूर में पाया जाने वाला अल्कोहलिक अर्क अस्थमा की समस्या को दूर करने में कारगर साबित होता है. दरअसल इस अर्क में गैलिक एसिड जो सांस संबंधी एलर्जी और संक्रमण की वजह से होने वाले अस्थमा के रिस्क को कम करने में मददगार साबित होता है.

Published at : 03 Apr 2024 06:46 PM (IST)

हेल्थ फोटो गैलरी

हेल्थ वेब स्टोरीज



Source link

Leave a Comment